Udhayanidhi Stalin कौन हैं? फिल्मों से राजनीति तक का सफर, डिप्टी सीएम से विपक्ष के नेता बनने की पूरी कहानी

Udhayanidhi Stalin

Udhayanidhi Stalin: फिल्म एक्टर से तमिलनाडु के डिप्टी सीएम और अब विपक्ष के नेता तक का सफर

करुणानिधि परिवार का नाम तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा से भारी रहा है। इसी विरासत को आगे ले जा रहे हैं Udhayanidhi Stalin, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और दिवंगत करुणानिधि के पोते। कभी फिल्मों में चमकने वाला यह चेहरा आज राजनीति में डिप्टी सीएम की कुर्सी से होते हुए विपक्ष के नेता तक पहुंच चुका है, और यह सफर उतना सीधा नहीं रहा जितना दिखता है।

पहले फिल्में, फिर राजनीति
27 नवंबर 1977 को पट्टुकोट्टई में जन्म हुआ, पढ़ाई चेन्नई के डॉन बॉस्को स्कूल से हुई, बाद में लोयोला कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री ली। राजनीति में उतरने से पहले Udhayanidhi Stalin तमिल सिनेमा का जाना-पहचाना नाम थे। 2008 में रेड जायंट मूवीज नाम से प्रोडक्शन कंपनी खोली, पहली फिल्म थी कुरुवी, जिसमें विजय लीड रोल में थे। इसके बाद आधावन, मनमधन अंबु, 7 औम अरिवु, एक के बाद एक फिल्में बनती गईं।
2012 आते-आते खुद एक्टिंग में भी उतर पड़े। ओरु काल ओरु कन्नडी से डेब्यू किया और फिल्मफेयर का बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड भी जीत लिया। नयनतारा के साथ इधु काथिरवेलन काधल, फिर नानबेंडा, साइको, नेंजुकु नीधि, फिल्मों की लिस्ट लंबी होती गई। 2023 में मामन्नन आई, और यही उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई। इसके बाद उन्होंने साफ कह दिया, अब एक्टिंग नहीं करेंगे

राजनीति में तेज़ी से आगे बढ़े
2019 में डीएमके की यूथ विंग के सेक्रेटरी बने, यहीं से असली शुरुआत हुई। 2021 में चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ा और जीत गए। एक साल के अंदर ही, दिसंबर 2022 में, युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री बना दिए गए। और फिर सितंबर 2024 में तो सीधे डिप्टी सीएम की कुर्सी मिल गई, इस पद पर पहुंचने वाले वे अब तक के सबसे युवा नेता बने।

2026 में सब कुछ बदल गया
मई 2026 में तमिलनाडु की राजनीति में जबरदस्त उलटफेर हुआ। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री बन गए, और इसी के साथ Udhayanidhi Stalin अब विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका में आ गए। हां, अपनी पुरानी सीट चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी पर उन्होंने 2026 में भी जीत बरकरार रखी।

सनातन धर्म वाला विवाद
Udhayanidhi Stalin का नाम विवादों से भी अछूता नहीं रहा। सितंबर 2023 की बात है, एक कार्यक्रम में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू से कर दी। कहा, इसका सिर्फ विरोध काफी नहीं, खात्मा होना चाहिए, क्योंकि यह सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ है। बयान आते ही देशभर में हंगामा मच गया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, और मार्च 2024 में अदालत ने उन्हें फटकार लगाई, कहा कि मंत्री होने के नाते शब्दों को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी।
फिर मई 2026 आया। विपक्ष के नेता के तौर पर पहला भाषण देते हुए उन्होंने वही बात दोबारा कह दी, जो सनातन धर्म लोगों को बांटता है, उसे मिटाना ही होगा। यह बयान तमिल थाई वल्थु यानी तमिल राष्ट्रगान से जुड़े विवाद के बीच आया। भाजपा ने इसे नफरत फैलाने वाला बयान बताते हुए कड़ी निंदा की, हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। दूसरी तरफ Udhayanidhi Stalin का कहना रहा, उनका मकसद धर्म या मंदिर जाने का विरोध नहीं है, बल्कि जाति आधारित भेदभाव खत्म करना है, और यह सोच उन्हें पेरियार-अंबेडकर की विचारधारा से मिली है।

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घर-परिवार की बात
2002 में किरुथिका से शादी हुई, जो खुद फिल्म डायरेक्टर हैं और लाइफस्टाइल मैगजीन इनबॉक्स 1305 चलाती हैं। बेटा इनबन, बेटी तन्मया। इनबन पहले फुटबॉल खेलते थे, 2025 में रेड जायंट मूवीज के सीईओ बन गए। और हां, उदयनिधि खुद को नास्तिक मानते हैं, यह बात उन्होंने खुद कई बार कही है।

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