
Vodafone Idea History: कैसे बनी देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी, जानें पूरी कहानी
मोबाइल रिचार्ज कराते वक्त ज्यादातर लोगों की स्क्रीन पर एक नाम जरूर दिखता है, Vi। यही Vodafone Idea का शॉर्ट नाम है, जो आज देश की तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल टेलीकॉम कंपनी बनी हुई है। गुजरात के गांधीनगर में हेडक्वार्टर वाली यह कंपनी करीब 19.28 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को सेवा दे रही है, और दुनिया भर में देखा जाए तो यह 12वीं सबसे बड़ी मोबाइल नेटवर्क कंपनी है।
दो कंपनियों के मिलने से बनी एक बड़ी ताकत
Vodafone Idea की कहानी शुरू होती है 2017 में, जब वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के बीच विलय की घोषणा हुई थी। दूरसंचार विभाग से मंजूरी मिलने के बाद 30 अगस्त 2018 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस डील पर आखिरी मुहर लगाई, और 31 अगस्त 2018 को यह मर्जर पूरा हो गया। शुरुआत में वोडाफोन के पास 45.2 फीसदी हिस्सेदारी थी, आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास 26 फीसदी, और बाकी हिस्सा आम निवेशकों के पास रहा।
दो साल बाद यानी 20 सितंबर 2020 को कंपनी ने अपने दोनों पुराने ब्रांड, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर को छोड़कर एक नए नाम, Vi के तहत खुद को रीब्रांड किया। तभी से यह कंपनी बाजार में Vodafone Idea यानी Vi के नाम से जानी जाती है।
सरकार बनी सबसे बड़ी हिस्सेदार
कंपनी का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। भारी कर्ज और एजीआर बकाया जैसी दिक्कतों से जूझते हुए 3 फरवरी 2023 को भारत सरकार ने कंपनी को आदेश दिया कि वह 16,133 करोड़ रुपये का ब्याज बकाया इक्विटी में बदले, और यह इक्विटी 10 रुपये प्रति शेयर के दाम पर दी जाए, जबकि उस वक्त बाजार में शेयर की कीमत करीब साढ़े आठ रुपये ही थी। इस कदम से सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई।
यहीं बात खत्म नहीं हुई। मार्च 2025 में सरकार ने 36,950 करोड़ रुपये के अतिरिक्त शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 48.99 फीसदी तक पहुंचा दी। यानी आज की तारीख में Vodafone Idea में सबसे बड़ा मालिकाना हक भारत सरकार का ही है, उसके बाद वोडाफोन ग्रुप का 16.07 फीसदी और आदित्य बिड़ला ग्रुप का 9.50 फीसदी हिस्सा है।
नेटवर्क और स्पेक्ट्रम की ताकत
Vodafone Idea के पास देश भर में 900 मेगाहर्ट्ज़ से लेकर 26 गीगाहर्ट्ज़ तक कई बैंड्स में स्पेक्ट्रम मौजूद है। कंपनी ने अपने नेटवर्क को इस तरह जोड़ रखा है कि अलग-अलग राज्यों में कभी वोडाफोन तो कभी आइडिया नेटवर्क एंकर की भूमिका निभाता है। मार्च 2019 तक कंपनी ने हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे कई सर्कल में नेटवर्क कंसोलिडेशन पूरा कर लिया था, जिससे ग्राहकों को बेहतर कवरेज मिलनी शुरू हुई।
5G की दुनिया में एंट्री
लंबे समय तक 4G तक सीमित रहने के बाद आखिरकार मार्च 2025 में Vodafone Idea ने मुंबई में अपनी 5G सेवा लॉन्च कर दी। यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम माना गया, क्योंकि प्रतिस्पर्धी कंपनियां पहले ही 5G बाजार में आगे निकल चुकी थीं।
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आज कहां खड़ी है कंपनी
आज के समय में Vodafone Idea सिर्फ मोबाइल कॉलिंग और डेटा तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने Vi मूवीज एंड टीवी ऐप के जरिए एंटरटेनमेंट सर्विस भी देती है, जो पहले वोडाफोन प्ले और आइडिया मूवीज एंड टीवी के नाम से जाना जाता था। भारी कर्ज और सरकारी बकाए की चुनौतियों के बावजूद, सरकार के सबसे बड़े शेयरधारक बनने के बाद कंपनी को कुछ राहत जरूर मिली है, और अब यह अपने नेटवर्क और 5G विस्तार पर फोकस करती नजर आ रही है।
1. Vodafone Idea कब बनी थी?
Vodafone India और Idea Cellular का विलय 31 अगस्त 2018 को पूरा हुआ था
2. Vi नाम कब रखा गया?
कंपनी ने 20 सितंबर 2020 को खुद को रीब्रांड करके Vi नाम अपनाया
3. Vodafone Idea का सबसे बड़ा शेयरधारक कौन है?
वर्तमान में भारत सरकार Vodafone Idea की सबसे बड़ी शेयरधारक है
4. Vodafone Idea ने 5G सेवा कब शुरू की?
कंपनी ने मार्च 2025 में मुंबई से अपनी 5G सेवा की शुरुआत की
5. Vodafone Idea के कितने ग्राहक हैं?
कंपनी के पास लगभग 19.28 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं