
N Chandrasekaran Resigns: Tata Sons AGM से पहले चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा
टाटा ग्रुप के लिए बुधवार का दिन किसी झटके से कम नहीं रहा। N Chandrasekaran, जिन्हें ज्यादातर लोग “चंद्रा” के नाम से जानते हैं, ने Tata Sons के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। यह खबर ऐसे समय आई है जब कंपनी की सालाना आम बैठक यानी AGM महज हफ्तेभर बाद, 18 अगस्त को होने वाली है — और उसी बैठक में शेयरहोल्डर्स को उनके फिर से नियुक्त पर वोट डालना था।
आखिर हुआ क्या
चंद्रा का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा था। टाटा ट्रस्ट्स ने पहले ही सर्वसम्मति से उनका कार्यकाल पांच साल और बढ़ाने की सिफारिश कर दी थी, और Nomination and Remuneration Committee के साथ-साथ बोर्ड ने भी सितंबर 2025 की बैठक में इस पर सहमति जता दी थी। लेकिन जब यह प्रस्ताव फरवरी 2026 में बोर्ड के सामने औपचारिक रूप से रखा गया, तो एक डायरेक्टर ने इसका समर्थन नहीं किया। सब की सहमति न बनने की वजह से फैसला टाल दिया गया — और यही टलना आखिरकार छह महीने तक खिंचता चला गया।
अपने इस्तीफे में N Chandrasekaran ने साफ लिखा कि इतने लंबे समय तक कोई नतीजा न निकलना संस्था के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि टाटा सन्स जैसी बड़ी संस्था में कई अहम प्रोजेक्ट्स क्रिटिकल स्टेज पर हैं, और नेतृत्व को लेकर स्पष्टता न होना कर्मचारियों, निवेशकों और पार्टनर्स — सबके लिए मुश्किल पैदा कर रहा है ।
40 साल का सफर
चंद्रा टाटा ग्रुप से 1987 में जुड़े थे और 2009 में TCS के सीईओ बने। साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद अक्टूबर 2016 में वे Tata Sons के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन नियुक्त किया गया। यानी करीब एक दशक तक उन्होंने इस सैकड़ों अरब डॉलर के समूह की कमान संभाली — नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक फैले कारोबार को आगे बढ़ाया।
दिलचस्प बात यह है कि यह इस्तीफा ठीक उस दौर में आया है जब टाटा ग्रुप हाई-टेक सेक्टर्स में देश की अगुवाई करने की कोशिश में जुटा है।
ऐसे में लीडरशिप को लेकर बनी यह अनिश्चितता ग्रुप के लिए एक नाजुक मोड़ साबित हो सकती है।
किसने किया विरोध
रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी 2026 की बोर्ड बैठक में नोएल टाटा ने चंद्रा की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव का विरोध किया था। इसके बाद से यह मामला अटका हुआ था और आखिरकार AGM से ठीक पहले N Chandrasekaran ने खुद ही इस्तीफे का फैसला ले लिया। उन्होंने बोर्ड से यह भी कहा है कि अब जल्द से जल्द उत्तराधिकार की प्रक्रिया शुरू की जाए, क्योंकि उन्होंने खुद को पुनर्नियुक्ति की दौड़ से बाहर कर लिया है।
अभी किसी नए नाम का ऐलान नहीं
फिलहाल Tata Sons की तरफ से किसी नए चेयरमैन के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। यह पूरा घटनाक्रम टाटा ग्रुप के इतिहास में एक और अहम मोड़ माना जा रहा है, खासकर तब जब 2016 में साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के ठीक 10 साल बाद यह इस्तीफा सामने आया है। उस समय भी लीडरशिप को लेकर लंबी खींचतान चली थी, और अब एक बार फिर कंपनी वैसी ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
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आगे क्या
टाटा ग्रुप के लिए अगले कुछ हफ्ते बेहद अहम रहने वाले हैं। 18 अगस्त की AGM पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां शेयरहोल्डर्स और बोर्ड को यह तय करना होगा कि इतने बड़े समूह की अगली कमान किसे सौंपी जाए। जब तक कोई नया नाम सामने नहीं आता, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि N Chandrasekaran के बाद टाटा ग्रुप की दिशा कौन तय करेगा।
Q1. N Chandrasekaran ने इस्तीफा क्यों दिया?
Ans: N Chandrasekaran ने कहा कि नेतृत्व को लेकर लंबे समय से स्पष्टता नहीं होने के कारण उन्होंने Tata Sons के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का फैसला किया
Q2. N Chandrasekaran का कार्यकाल कब खत्म होना था?
Ans: N Chandrasekaran का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना था
Q3. N Chandrasekaran ने Tata Sons के चेयरमैन पद पर कब जिम्मेदारी संभाली थी?
Ans: N Chandrasekaran ने जनवरी 2017 में Tata Sons के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाली थी
Q4. Tata Sons की AGM कब होने वाली है?
Ans: Tata Sons की सालाना आम बैठक यानी AGM 18 अगस्त 2026 को होने वाली है
Q5. N Chandrasekaran के बाद Tata Sons का नया चेयरमैन कौन होगा?
Ans: फिलहाल Tata Sons की ओर से नए चेयरमैन के नाम की घोषणा नहीं की गई है