प्रियंका गांधी गौमूत्र एक्सपर्ट विवाद पर बवाल: संजय निरुपम बोले- माफी मांगें, जानें पूरा मामला

प्रियंका गांधी गौमूत्र एक्सपर्ट विवाद

 प्रियंका गांधी गौमूत्र एक्सपर्ट विवाद पर बवाल: संजय निरुपम बोले- माफी मांगें, जानें पूरा मामला 

लोकसभा में परीक्षा सुधार से जुड़े विधेयक पर बहस के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की एक टिप्पणी अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है. आईआईटी मद्रास के निदेशक को लेकर की गई उनकी इस टिप्पणी पर भाजपा खेमे से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और अब पूर्व कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने भी इस मुद्दे पर सीधा हमला बोलते हुए प्रियंका गांधी से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग कर डाली है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह पूरा मामला मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा संबंधी अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक 2026 पर हुई चर्चा के दौरान शुरू हुआ. इस बहस में हिस्सा लेते हुए प्रियंका गांधी ने पेपर लीक मामलों की जांच के लिए बनाई गई नई समिति पर सवाल उठाए। समिति में शामिल सदस्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें एक पूर्व खुफिया प्रमुख, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक “गौमूत्र एक्सपर्ट” शामिल हैं, और सवाल किया कि आखिर शिक्षा व्यवस्था के बारे में इन लोगों को क्या जानकारी होगी। हालांकि उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामाकोटि की ओर माना गया।

क्यों निशाने पर आए प्रोफेसर कामाकोटि
दरअसल प्रोफेसर कामाकोटि जनवरी 2025 में चेन्नई के एक गोशाला में आयोजित मट्टु पोंगल कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने गौमूत्र के एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और पाचन संबंधी गुणों का जिक्र किया था. उनका यह बयान उस वक्त भी चर्चा में रहा था, और अब नीट पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में सुधार के लिए बनाई गई छह सदस्यीय समिति में उनके शामिल होने के बाद यह पुराना बयान फिर से चर्चा में आ गया. यह समिति इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में गठित की गई है।

भाजपा नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया
प्रियंका गांधी की इस टिप्पणी पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि देश के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और प्रोफेसर के बारे में इस तरह की टिप्पणी किए जाने से उन्हें दुख पहुंचा है. ठाकुर ने प्रियंका गांधी को सलाह दी कि उन्हें आरएसएस से जुड़कर कुछ मूल्य सीखने चाहिए. इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस नेता पर वैज्ञानिक समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया।

संजय निरुपम का क्या कहना है
इसी कड़ी में अब पूर्व कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि इस तरह की बचकानी और गैरजिम्मेदार टिप्पणियां ही कांग्रेस पार्टी को लगातार नुकसान पहुंचा रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को आईआईटी मद्रास के निदेशक जैसे सम्मानित शिक्षाविद् की योग्यता पर सवाल उठाने की बजाय अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. निरुपम ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से पार्टी की छवि को ही नुकसान पहुंचता है, न कि उस व्यक्ति को जिसे निशाना बनाया गया है।

प्रोफेसर कामाकोटि की उपलब्धियां क्या हैं
इस पूरे विवाद के बीच प्रोफेसर कामाकोटि के शैक्षणिक और शोध कार्य को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. वे आईआईटी मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम का नेतृत्व करते हैं, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं. उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स की अध्यक्षता भी की थी. उनके नाम 150 से अधिक शोध पत्र दर्ज हैं, और उन्हें डीआरडीओ एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं. यही वजह है कि आलोचकों का कहना है कि प्रियंका गांधी की टिप्पणी एक अनुभवी शिक्षाविद् के पूरे करियर को सिर्फ एक विवादित बयान तक सीमित करने की कोशिश है।

कांग्रेस की तरफ से क्या रुख है
कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में देश भर में 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिनसे करीब साढ़े सात करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन आज तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ नई समितियां बना देने से समस्या हल नहीं होगी, जब तक पुरानी समितियों की सिफारिशों को लागू नहीं किया जाता. उनका कहना था कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था छात्रों में तनाव और अवसाद बढ़ा रही है, जिसके चलते सैकड़ों छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो चुके हैं।

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आगे क्या हो सकता है
फिलहाल यह विवाद संसद से निकलकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों तक पूरी तरह फैल चुका है. भाजपा नेता जहां प्रियंका गांधी से माफी की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं कांग्रेस पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही के मूल मुद्दे पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इसे अपने-अपने नैरेटिव में ढालने की कोशिश में जुटे हैं।

 

1. प्रियंका गांधी का 'गौमूत्र एक्सपर्ट' बयान क्या है?

2. संजय निरुपम ने प्रियंका गांधी से क्या कहा?

संजय निरुपम ने कहा कि प्रियंका गांधी को IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटि पर की गई टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

3. प्रोफेसर वी. कामाकोटि कौन हैं?

प्रो. वी. कामाकोटि IIT मद्रास के निदेशक हैं। वे माइक्रोप्रोसेसर, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत शिक्षाविद् हैं।

4. यह विवाद क्यों शुरू हुआ

विवाद तब शुरू हुआ जब प्रियंका गांधी ने परीक्षा सुधार समिति के सदस्यों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की, जिसे प्रो. वी. कामाकोटि से जोड़कर देखा गया।

5. भाजपा की प्रतिक्रिया क्या रही?

भाजपा नेताओं ने इसे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् का अपमान बताया और प्रियंका गांधी से माफी की मांग की।

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