Tukaram Mundhe IAS: 25 बार ट्रांसफर झेलने वाले अफसर ने महाराष्ट्र में मचाई हलचल

Tukaram Mundhe IAS

Tukaram Mundhe IAS: 25 बार ट्रांसफर झेलने वाला वो IAS अफसर, जो अब महाराष्ट्र में मचा रहा खाद्य सुरक्षा को लेकर हलचल

किसी अफसर का नाम सिर्फ इसलिए मशहूर हो जाए क्योंकि उसका बार-बार तबादला हुआ है — यह बात सुनने में अजीब लगती है, लेकिन तुकाराम मुंढे के मामले में यही सच है। पिछले बीस साल में करीब 25 बार ट्रांसफर झेल चुके इस IAS अफसर ने अब महाराष्ट्र में एक ऐसी मुहिम छेड़ी है, जिसने पूरे राज्य के रेस्टोरेंट, डेयरी और खाने-पीने के कारोबार को हिलाकर रख दिया है।

बीड के एक गांव से IAS ऑफिसर तक का सफर
3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के तडसोन्ना गांव में जन्मे तुकाराम मुंढे एक किसान परिवार से आते हैं। बचपन आर्थिक तंगी के बीच बीता, लेकिन इसी संघर्ष ने शायद उनके अंदर वो सख्ती भर दी, जो आज उनकी पहचान बन चुकी है। 2005 बैच के इस IAS अफसर ने महाराष्ट्र कैडर में जो प्रतिष्ठा बनाई, वो सीधे-सीधे उनकी बेबाक कार्यशैली की वजह से है — न किसी राजनीतिक दबाव में झुकना, न ही प्रशासनिक सिफारिशों की परवाह करना।

मई 2026 से शुरू हुई नई मुहिम
25 मई 2026 को जब मुंढे ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA के कमिश्नर का पदभार संभाला, तो शायद ही किसी को अंदाजा था कि आने वाले महीनों में यह विभाग इतनी फेमस हो जाएगा। पदभार संभालते ही उन्होंने दूध की पूरी सप्लाई चेन — डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक व्यापारी और खुदरा विक्रेता — सबको सख्त निगरानी के दायरे में ले लिया। उनका कहना था कि दूध सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि लाखों बच्चों, माताओं, मरीजों और बुजुर्गों के लिए पोषण की नींव है, और इससे छेड़छाड़ करना सीधे तौर पर जनता की सेहत से खिलवाड़ है।

1100 से ज्यादा इंस्पेक्शन, दर्जनों बड़े नाम रडार पर
पदभार संभालने के बाद से अब तक FDA टीम ने पूरे राज्य में 1,100 से अधिक जांच अभियान चलाए हैं। इस दौरान मुंबई के कुछ बेहद मशहूर नाम भी सवालों के घेरे में आ गए — नूर मोहम्मदी होटल, शालीमार रेस्टोरेंट, के. रुस्तम एंड कंपनी, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब और जुहू जिमखाना जैसे प्रतिष्ठान भी इससे बच के नहीं रह पाए। जांच में कीड़े-मकोड़ों का संक्रमण, गंदगी, खाने का गलत तरीके से रखा जाना और जरूरी दस्तावेजों की कमी जैसी गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद कई जगहों के लाइसेंस या तो निलंबित कर दिए गए या अस्थायी रूप से बंद करा दिए गए।

शिरडी तक पहुंची मुहिम
यह अभियान सिर्फ शहरी रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा। शिरडी में FDA अधिकारियों ने करीब 700 किलो संदिग्ध मिलावटी पेड़ा जब्त कर नष्ट कर दिया, क्योंकि जांच में यह तय मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद प्रसाद बेचने वाली दुकानों और सप्लाई यूनिट्स की भी जांच हुई और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह घटना दिखाती है कि मुंढे की टीम धार्मिक स्थलों को भी छूट देने के मूड में नहीं है।

अदालत में भी पहुंचा मामला
हर बड़े अभियान की तरह इस कार्रवाई को भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के लाइसेंस सस्पेंशन को रोका या पलट दिया, जिनमें रेस्टोरेंट, डेयरी, दूध विक्रेता और एक होटल भी शामिल था। नवी मुंबई के पार्क इन बाय रैडिसन होटल की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि प्रशासन को “यथार्थवादी नजरिया” अपनाना चाहिए, यानी हर मामले में तुरंत बंद कर देना ही समाधान नहीं हो सकता। हालांकि FDA का पक्ष यही रहा कि जनता की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता, और सभी कार्रवाइयां कानूनी दायरे में ही की गई हैं।

जनता के बीच बना “सिंघम” तुकाराम मुंढे
दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ कारोबारी इस सख्ती से परेशान हैं, वहीं आम जनता के बीच मुंढे की छवि किसी हीरो से कम नहीं बन गई। हाल ही में पुणे के एक कार्यक्रम में जब वे मंच पर पहुंचे, तो पूरा हॉल खड़े होकर तालियां बजाने लगा — यह वीडियो सोशल मीडिया पर “अनस्टॉपेबल तुकाराम” के नाम से वायरल हुआ। लोगों ने उनकी तुलना फिल्मी किरदार सिंघम से करनी शुरू कर दी, जो बिना डरे सिस्टम से लड़ता है।

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तुकाराम मुंढे खुद कहते हैं कि उनका मकसद किसी को चुन-चुनकर निशाना बनाना नहीं, बल्कि सिर्फ कानून को उसकी असली स्पिरिट में लागू करना है। बीड के एक छोटे से गांव से निकलकर आज महाराष्ट्र के सबसे चर्चित प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाने तक का उनका यह सफर बताता है कि सही नीयत और डटे रहने की जिद, बार-बार के तबादलों को भी बेअसर कर सकती है।

1. तुकाराम मुंढे कौन हैं?

तुकाराम मुंढे 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी हैं, जो अपनी सख्त और बेबाक प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं

2. तुकाराम मुंढे कितनी बार ट्रांसफर हो चुके हैं?

तुकाराम मुंढे अपने करीब दो दशक के प्रशासनिक करियर में लगभग 25 बार ट्रांसफर झेल चुके हैं

3. तुकाराम मुंढे अभी किस पद पर हैं?

तुकाराम मुंढे मई 2026 से महाराष्ट्र Food and Drug Administration के कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं

4. तुकाराम मुंढे ने महाराष्ट्र में क्या अभियान शुरू किया है?

उन्होंने खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यभर में सख्त निरीक्षण अभियान शुरू किया है, जिसमें डेयरी, रेस्टोरेंट, दूध सप्लाई और अन्य खाद्य कारोबारों की जांच की जा रही है

5. FDA ने अब तक कितने निरीक्षण किए हैं?

मुंढे के नेतृत्व में FDA टीम ने राज्यभर में 1,100 से अधिक निरीक्षण अभियान चलाए हैं

6. तुकाराम मुंढे को लोग सिंघम क्यों कह रहे हैं?

उनकी सख्त और बेबाक कार्यशैली के कारण सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी तुलना फिल्मी किरदार सिंघम से कर रहे हैं

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